
चिड़िया बोली पेड़ से
अपनी एक डाली मुझे दे दो
अपनी चुन चुन तान से
तेरा दिल बहलाउंगी.......
पेड़ ने कहा -
ओ प्यारी - सी भोली चिड़िया
जो भी डाली भली लगती हो
तुम ले लो उसको
अपने नन्हे बच्चों के संग
अपना ही घर समझो.....................
अपनी एक डाली मुझे दे दो
अपनी चुन चुन तान से
तेरा दिल बहलाउंगी.......
पेड़ ने कहा -
ओ प्यारी - सी भोली चिड़िया
जो भी डाली भली लगती हो
तुम ले लो उसको
अपने नन्हे बच्चों के संग
अपना ही घर समझो.....................
arre aur bhi blogsites hain! pata hi nahi tha!
ReplyDeletewaise iss waale ka matlab samajh mein nahi aaya. :(
वाह वाह !!! प्रकृति हमें वह सब देने को तैयार रही जिसकी हमें नितान्त जरूरत है किन्तु वह हमारे लालच को पूरा करने में सक्षम नही है ....सहिष्णुता, प्रेम, सब कुछ लिख दिया आप ने
ReplyDeletebahut pyari kavita..aabhar..mere blog pe bhi aaye..era13march.blogspot.com
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